ब्रूनर का सिद्धांत | Bruner Ka Siddhant

किसी भी Teaching Exam की तैयारी करने वाले Students के लिए Bruner Ka Siddhant समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। और आपके इस मुश्किल को आसान करने के लिए PDFKING की टीम आपके लिए फिर से ब्रूनर का सिद्धांत लेकर हाजिर है।

 

ब्रूनर का सिद्धांत ( Bruner Ka Siddhant ) क्या है ?
जेरोम ब्रूनर अमेरिका के एक मनोवैज्ञानिक थे, जिन्होंने जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के विकल्प के रूप में संज्ञानात्मक विकास का नया सिद्धांत दिया। लेकिन जहां पियाजे ने चार अवस्थाएं बताई थी वहीं ब्रूनर ने केवल तीन अवस्थायें बताई।

 

1. Enactive Stage (क्रिया निर्माण विधि या निर्माण विधि)
2. Iconic Stage (प्रतिबिम्बात्मक या छायात्मक विधि)
3. Symbolic Stage (संकेत या चिन्ह आधारित आयु)

 

1. Enactive Stage में आयु जन्म से 2 वर्ष तक
2. Iconic Stage में आयु 2 वर्ष से 7 वर्ष तक
3. Symbolic Stage में आयु 7 वर्ष से 15 वर्ष तक होती है।

 

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क्रियात्मक Stage – बालक शारीरिक गामक क्रियाएं करता है। बालक अपने शारीरिक अंगो की सहायता से कुछ क्रिया करता है और उसके बाद सीखता है। जैसे – हाथ-पैर चलाना, रोना, चिल्लाना आदि।

 

प्रतिबिम्बात्मक Stage – इसमें भाषा का महत्व होता है। चमक, ध्वनि, गति का महत्व होता है। इसमें जिज्ञासा का महत्व होता है।

 

सांकेतात्मक Stage – इसमें अमूर्त चिंतन का महत्व होता है। यह विचारों को विकसित करने वाली अवस्था है।

 

ब्रूनर का कथन – “बालक नग्न बंदर की तरह नहीं है, बल्कि बालक संस्कृति युक्त होता है।”

इस सिद्धांत के अन्य नाम हैं – संरचनात्मक सिद्धांत, अंवेषण सिद्धांत, संरचना का सिद्धांत

 

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ब्रूनर के सिद्धांत ( Bruner Ka Siddhant ) का शैक्षिक महत्व :-

1. बालको के सामने ऐसी परिस्थिति उत्पन्न करना है कि बालक स्वयं ज्ञान का निर्माण कर सके।
2. ज्ञान प्राप्ति की उपलब्धि से ध्यान हटाकर उसकी प्रक्रिया को समझना।
स्वयं नया ज्ञान खोजने पर बल देना।

ब्रूनर ने कुंडलिय पाठ्यक्रम का प्रतिपादन किया।

 

Ques : – संज्ञानात्मक सिद्धांत किसने दिया ?
Ans – संज्ञानात्मक का सिद्धांत ब्रूनर ने दिया था।

 

Conclusion : – आपने Bruner Ka Siddhant के टॉपिक के बारे में पढ़ लिया है। ब्रूनर का सिद्धांत से Teaching Exams में अधिकांश प्रश्न Match करते हैं। इस टॉपिक का आप नोट्स बना लीजिए। और इसे बार-बार Revise करें।

 

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